देहरादून: उत्तराखंड राज्य आन्दोलन में पत्रकारों एवं छायाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर आज यहां कचहरी परिसर शहीद स्थल में “शहीदों को नमन” के 25 वर्ष रजत जयंती वर्ष के अवसर पर पर श्रद्धांजलि एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया, जो कि हवन के पश्चात् वन्देमातरम गीत के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया I
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक मंगेश कुमार-शहीदों को नमन-हिंदी न्यूज़ पोर्टल, समाचार पत्र, यूट्यूब, श्री दुर्गा सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित शहीदों को नमन रजत जयंती वर्ष के इस श्रद्धांजलि एवं गोष्ठी कार्यक्रम में शहीद हुए राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य सरकार में दायित्वधारी (राज्यमंत्री) अशोक वर्मा ने कहा कि राज्य आंदोलन में पत्रकारों एवं छायाकारों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है I उन्होंने कहा कि आंदोलन का श्रेय पत्रकारों व आंदोलनकरियों को जाता है I उन्होंने कहा कि बहुत बलिदान आंदोलन में दिए गए, जो आज हमारे लिए स्मरणीय हैं I उनका कहना है कि राज्य की शिक्षा में इस आंदोलन को जोड़ना चाहिए I उन्होंने राज्य सरकार के समक्ष राज्य के पत्रकारों एवं आंदोलनकारियों के विषय को गंभीरता के साथ रखने का आश्वासन दिया I वरिष्ठ आंदोलनकारी जगनमोहन नेगी ने कहा कि यह दुख का विषय है कि आज सरकार राज्य आन्दोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाले पत्रकारों के योगदान को भुला कर बैठी हुई है, सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए I वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र अन्थवाल ने कहा कि पत्रकारों ने आंदोलन में जोखिम भरी पत्रकारिता की और सरकार की गंभीरता आज भी उपेक्षा नजर आ रही है, जो कि दुर्भाग्य की बात है I पत्रकार गजेन्द्र नौटियाल ने कहा कि सरकार ऐसे पत्रकारों की सूची बनाए जिन्होंने आंदोलन में अपनी जोखिम भरी भूमिका निभाई वरिष्ठ पत्रकार शूरवीर भंडारी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियो के चिन्हीकरण मामले में न कांग्रेस दूध की धुली है और न ही भाजपा ही, जो कि हमारे लिए दुख की बात है I इस अवसर पर पूर्व सूचना आयुक्त वरिष्ठ पत्रकार व राज्य आंदोलनकारी योगेश भट्ट, पत्रकार रविंद्रनाथ कौशिक ने भी अपने विचार व्यक्त किए I प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी ने कहा कि राज्य आंदोलन में सबसे पहले पत्रकार और वकील कूदे, लेकिन सभी का पारदर्शी सम्मान होना चाहिए I लेकिन आज भी सरकार की चिन्हीकरण प्रक्रिया में पत्रकार उपेक्षित हो गया है I कार्यक्रम में शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों यशोदा रावत, प्रवीण सेमवाल, प्रेस छायाकार अजय गुलाटी, आंदोलनकारी गजेन्द्र नौटियाल, प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र अंतवाल,मोहम्मदअसद,अनिल चटर्जी, मोहम्मद खालिद को शॉल और पुष्प देकर सम्मानित किया गया I साथ ही वरिष्ठ छायाकार व कार्यक्रम के आयोजक मंगेश कुमार का विशेष सम्मान किया गया I प्रसिद्ध गायक अलेक्जेंडर संध्या मुखर्जी, एडवोकेट अमरजीत, गगन दीप आदि को भी सम्मानित किया गया I इसके अलावा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष अशोक वर्मा, पूर्व सूचना आयुक्त योगेश भट्ट, शिव सेना के वरिष्ठ नेता गौरव कुमार, राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल, चौपाल के संयोजक व कांग्रेस नेता सुरेन्द्र कुमार को सम्मानित किया गया I इसके अतिरिक्त अवधेश, हरवीर सिंह कुशवाहा, सुरेन्द्र सिंह बडोला, जगनमोहन सिंह, पूरण सिंह लिंगवाल, रामलाल खंडूड़ी, केशव उनियाल, हरि मेहर, गणेश डंगवाल, ध्यानपाल बिष्ट, अरुणा थपलियाल ,धर्मपाल, मोहन खत्री, विनोद असवाल, प्रभात डंडरियाल आदि को भी सम्मानित किया गया I सम्मान ग्रहण करने वालों में मुख्य रूप से वरिष्ठ पत्रकार व पूर्व सूचना आयुक्त योगेश, जितेन्द्र नेगी,भूपेंद्र भंडारी, रवींद्रनाथ कौशिक, जितेन्द्र अन्थवाल, शूरवीर सिंह भंडारी,अतुल शर्मा, हरीश जोशी, मोहम्मद असद, तिलक राज, अनिल चटर्जी, मोहम्मद खालिद, इंद्रेश कोहली, सुभाष कुमार के अलावा अन्य कई पत्रकार तथा आंदोलनकारी भी शामिल रहे I इस अवसर पर शहीदों को नमन करते हुए सुप्रसिद्ध गायक अलेक्जेंडर ने चिट्ठी न कोई संदेश… जाने तुम कहां चले गए …गीत की प्रस्तुति देकर भावुकव सभी की आंखे नम कर दी I संदेश वरिष्ठ साहित्यकार एवं जन कवि अतुल शर्मा, सुप्रसिद्ध गायक अलेक्जेंडर, वरिष्ठ आंदोलनकारी गणेश डंगवाल, पत्रकार राजेश पांडेय, विपुल नौटियाल, शिव सेना के वरिष्ठ नेता गौरव कुमार, एडवोकेट दीपक जुयाल, वरिष्ठ नेता टीटू त्यागी का भी सम्मान किया गया I इस अवसर पर शहीदों को नमन कैलेंडर का भी विमोचन किया गया I कार्यक्रम का
संचालन संयुक्त रूप से वरिष्ठ आंदोलनकारी जगनमोहन नेगी, प्रेस छायाकार व राज्य आंदोलनकारी मंगेश कुमार ने किया I