वोट चोरी के आरोप और नारेबाजी के बजाय प्रमाण दे कांग्रेसः चैहान

देहरादून। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चैहान ने  कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अपने गंभीर आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण नहीं हैं, इसलिए वह सड़क पर प्रदर्शन के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पीपीटी दिखाने और नारे लगाने से ‘वोट चोरी’ का आरोप सच नहीं हो जाता। कांग्रेस को देश के सामने यह बताना चाहिए कि उसके आरोपों का ठोस आधार और प्रमाण क्या है।
चैहान ने कहा कि मतदाता सूची का सत्यापन चुनावी लोकतंत्र की सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया है, इसे ‘वोट चोरी’ बताना जनता को भ्रमित करने की कोशिश है। मतदाता सूची में मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट अथवा अपात्र नामों की पहचान और नए पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ना निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा है। कांग्रेस बताए कि क्या मतदाता सूची को सत्यापित और अद्यतन नहीं किया जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का दावा भी वास्तविक प्रक्रिया को एकतरफा ढंग से प्रस्तुत करता है। अलग-अलग कारणों से सत्यापन के दायरे में आए नामों को सीधे ‘वोट चोरी’ बताना तथ्य नहीं, बल्कि राजनीतिक आरोप है। यदि कांग्रेस के पास किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाए जाने का प्रमाण है, तो उसे सामने रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एंटी-इनकंबेंसी का सिद्धांत समझाने से पहले उत्तराखंड में कांग्रेस के खिलाफ बनी एंटी-इनकंबेंसी का इतिहास पढ़ना चाहिए। कांग्रेस शासन के दौरान राज्य ने भ्रष्टाचार के आरोपों, भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर विवादों और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़े गंभीर मामलों को देखा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत से जुड़ा कथित स्टिंग पूरे देश के सामने आया था। इसके बाद कांग्रेस शासन के दौरान भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। 2016 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई और जांच इसी संदर्भ में सामने आई है। ऐसे मामलों की जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई को कांग्रेस राजनीतिक आरोप कहकर नजरअंदाज नहीं कर सकती। चैहान ने कहा कि जिस कांग्रेस को अपने शासनकाल के भ्रष्टाचार और भर्ती विवादों पर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए, वही आज एंटी-इनकंबेंसी का ज्ञान बांट रही है। राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि जनता केवल भाषण नहीं सुनती, वह सरकारों का काम और उनका रिकॉर्ड भी देखती है।
चैहान ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस अपने पुराने आरोपों और विवादों से घिरी हुई राजनीति कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास और कनेक्टिविटी के बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम ऑल-वेदर रोड, दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का विस्तार उत्तराखंड में बदलते विकास परिदृश्य के उदाहरण हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में सड़क, रेल, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में लगातार काम आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास को रोजगार, निवेश, महिला सशक्तिकरण, युवा कल्याण और जनहित की योजनाओं से जोड़ा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से निवेश को आकर्षित करने से लेकर विभिन्न विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारने तक राज्य सरकार ने कई स्तरों पर काम किया है।