देहरादून: रीच संस्था द्वारा आयोजित विरासत महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को स्कूली विद्यार्थियों के लिए ‘सिट एंड ड्रॉ’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।आयोजित की गई इस प्रतियोगिता में 13 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने मौके पर पहुंचकर भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।प्रतियोगिता में कुल 275 प्रतिभागियों की सहभागिता रही। प्रतियोगिता का विषय ‘माय सिटी एंड नेचर’ (मेरा शहर और प्रकृति) रखा गया। इस विषय के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने शहर, उसके परिवेश, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण से जुड़े विचारों को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर मिला। बच्चों ने रंगों और कल्पनाशीलता के जरिए अपने विचारों को कागज पर खूबसूरती से उकेरा।
प्रतियोगिता में स्मॉल बेल्स (मल्टी एक्टिविटी हब), दून प्रेसीडेंसी स्कूल, सेंट जूड्स स्कूल, ब्रुकलिन स्कूल, दून सरला अकादमी, पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज (आसरा ट्रस्ट), फ्लाईफोट पब्लिक स्कूल, दून इंटरनेशनल स्कूल सिटी कैंपस, श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बालावाला, ज्ञानंदा स्कूल फॉर गर्ल्स, दिल्ली पब्लिक स्कूल विकासनगर, आर्मी पब्लिक स्कूल क्लेमेंट टाउन और वेलहम बॉयज़ स्कूल के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ प्रतिभाग किया।
विरासत महोत्सव में पहली बार हुआ ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ का विशेष आयोजन ‘वॉव एट विरासत’30 अक्टूबर को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, देहरादून में साहित्य, कविता और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला विरासत महोत्सव के साथ पहली बार जुड़ते हुए ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, देहरादून में ‘वॉव एट विरासत’ का विशेष आयोजन प्रस्तुत किया। इस आयोजन में साहित्य, कविता, पुस्तक चर्चा और संगीत के माध्यम से उत्तराखंड और हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को एक विशेष मंच मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ सचिन चौहान के स्वागत संबोधन से हुआ। इसके बाद राजकुमार पंवार की पुस्तक ‘अब हुआ सवेरा’ पर सोमेश्वर पांडे के साथ विशेष चर्चा आयोजित की गई।
कार्यक्रम में प्रख्यात हिंदी गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र की संपूर्ण काव्य रचनाओं पर एक विशेष सत्र आयोजित हुआ। उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘उत्तराखंड के 25 वर्ष’ पुस्तक पर भी विशेष परिचर्चा हुई। इसमें पुस्तक के संपादक संजीव चोपड़ा और सह-संपादक गंधर्व गोपाल जोशी ने राजलक्ष्मी दत्ता के साथ संवाद किया। इस सत्र की अध्यक्षता मनोज बर्थवाल ने की।
इसके बाद आयोजित हिंदी कविता सत्र में श्रुति वत्स, सोमेश्वर पांडे और भारती मिश्र ने अपनी कविताओं का पाठ किया। इस सत्र का संचालन सचिन चौहान ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता बुद्धिनाथ मिश्र ने की।
कार्यक्रम का समापन पंजाबी के महान कवि शिव कुमार बटालवी के गीतों की संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसे अभिनव त्यागी ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर महोत्सव के निदेशक डॉ. संजीव चोपड़ा ने कहा, “वैली ऑफ वर्ड्स और विरासत का एक साथ आना दो धाराओं के संगम जैसा है।” उन्होंने इस साझेदारी को साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया।