नैनीताल। खेल भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही नगर स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता नगर पालिका और जिला खेल विभाग के बीच अधिकारों के टकराव की भेंट चढ़ गई। 32 टीमों की प्रतियोगिता को लेकर बुधवार सुबह करीब 8 बजे से शाम तक दोनों विभागों के बीच तीखा विवाद चलता रहा। हालात इतने बिगड़ गए कि अंततः प्रतियोगिता को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा।
जिला खेल विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए डीएसए खेल मैदान में पिच निर्माण सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। जिला क्रीड़ा अधिकारी निर्मला पंत ने बताया प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर पूर्व में नगर पालिका अध्यक्ष और खेल प्रेमियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें प्रतियोगिता निर्धारित तिथि से शुरू करने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद प्रतियोगिता के शुभारंभ से ठीक पहले नगर पालिका अध्यक्ष और सभासदों ने खेल शुरू नहीं होने दिया। जिससे खिलाड़ियों और आयोजकों में भारी नाराजगी देखी गई।
जिला क्रीड़ा अधिकारी ने कहा प्रतियोगिता के आयोजन के लिए लगभग तीन लाख रुपये की लागत से मैदान का विकास कराया गया। ऐसे में अचानक आयोजन रोके जाने से न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है, बल्कि खेल भावना को भी गहरी ठेस पहुंची है। इसी से आहत होकर जिला क्रीड़ा अधिकारी निर्मला पंत ने नगर पालिका अध्यक्ष सहित अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए नैनीताल कोतवाली में शिकायती पत्र सौंपा।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने खेल विभाग के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीएसए खेल मैदान नगर पालिका की संपत्ति है। पूर्व में प्रशासक ने इस मैदान को 30 वर्षों के लिए खेल विभाग को लीज पर देने का निर्णय लिया था। उसका कोई विधिवत अनुबंध नहीं हुआ। साथ ही नगर पालिका के नए बोर्ड के गठन के बाद 17 फरवरी 2025 को हुई पहली बोर्ड बैठक में प्रशासक के उस आदेश को निरस्त कर दिया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष का कहना है ऐसे में खेल विभाग का मैदान पर एकतरफा अधिकार जताना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आयोजन के लिए नगर पालिका की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। बिना अनुमति प्रतियोगिता आयोजित करना स्वीकार्य नहीं है। डॉ। खेतवाल ने बताया मंगलवार से डीएसए और नगर पालिका के संयुक्त तत्वावधान में पृथ्वीराज सिंह क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की जानी थी, लेकिन उपजे विवाद के कारण वह प्रतियोगिता भी आयोजित नहीं हो सकी।
मामला तूल पकड़ने पर कोतवाली पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। घंटों तक जिला खेल विभाग के अधिकारी कोतवाली में डटे रहे। प्रतियोगिता का विरोध करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते रहे। मल्लीताल कोतवाली के एसएसआई दिनेश चंद्र जोशी ने बताया जिला खेल विभाग द्वारा शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है। जिस पर विधिक पहलुओं को देखते हुए विचार किया जा रहा है।