देहरादून। केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) देहरादून में मंगलवार को विशेष अभियान 6.0 के तहत कायाकल्प (स्वच्छता एवं हाइजीन) गतिविधियाँ आयोजित की गईं। अपर निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार सेनियारे के मार्गदर्शन और सभी वेलनेस सेंटरों के प्रभारियों के सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
अभियान के तहत वेलनेस सेंटर-I (मिलन विहार), वेलनेस सेंटर-II (पी एंड टी कॉलोनी), वेलनेस सेंटर-III (रायपुर रोड) और अपर निदेशक कार्यालय में सफाई से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ हुईं। इस दौरान सभी केंद्रों पर स्वच्छता की शपथ भी ली गई।
सफाई अभियान में मरीजों के उपचार क्षेत्र और प्रतीक्षालय की गहन सफाई की गई। वॉशबेसिन और जल निकासी व्यवस्था के साथ शौचालयों व स्नानगृहों की विशेष सफाई कराई गई। वेलनेस सेंटरों के आसपास निर्धारित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
संक्रमण नियंत्रण को लेकर जागरूकता भी बढ़ाई गई। लोगों को सही तरीके से हाथ धोने, अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर के उपयोग, खाँसते-छींकते समय जरूरी शिष्टाचार और व्यक्तिगत स्वच्छता की जानकारी दी गई। दस्तानों और मास्क के उचित उपयोग, सफाई में इस्तेमाल होने वाले रसायनों को सुरक्षित ढंग से संभालने और अलग-अलग कीटाणुनाशकों को असुरक्षित तरीके से न मिलाने के महत्व के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही शौचालय, पेयजल सुविधाओं और हाथ धोने के स्थानों के जिम्मेदार उपयोग तथा घर व सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता की अच्छी आदतें अपनाने की सीख दी गई।
अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छ, सुरक्षित, संक्रमण-मुक्त और मरीजों के अनुकूल माहौल सुनिश्चित करना है। साथ ही सीजीएचएस के लाभार्थियों और कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इसका लक्ष्य है। सभी केंद्रों पर हुई गतिविधियों में नियमित सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमण की रोकथाम के महत्व को रेखांकित किया गया।
डॉ. अश्वनी कुमार सेनियारे ने लाभार्थियों, सीजीएचएस के चिकित्सकों और कर्मचारियों से अपील की कि स्वच्छता और स्वास्थ्यकर आदतें केवल एक दिन के अभियान तक सीमित न रहें, बल्कि दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि जागरूकता, व्यक्तिगत जिम्मेदारी और नियमित प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए, ताकि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बन सके। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि स्वच्छता एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि जीवनभर अपनाई जाने वाली आदत और सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का नेतृत्व अपर निदेशक एवं जोनल इंचार्ज, सीजीएचएस डॉ. अश्वनी कुमार सेनियारे के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें डॉ. शिवानी शर्मा (सीएमओ इंचार्ज), डॉ. जानकी जंगपांगी (सीएमओ इंचार्ज), डॉ. स्मिता रावत (सीएमओ इंचार्ज), डॉ. तन्दूरी प्रसन्ना लक्ष्मी (सीएमओ इंचार्ज), डॉ. हिमांशु जोशी (इंचार्ज, आयुर्वेदिक) और डॉ. पुष्पजीत मुर्मू (इंचार्ज, होम्योपैथिक) के नेतृत्व में सीजीएचएस के सभी स्टाफ ने मिलकर अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न किया।