देहरादून। भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सपा नेता अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंडियों को घुसपैठिया बताने पर कांग्रेस समेत तमाम स्थानीय पार्टियों को सपा से पूरी तरह संबंध तोड़ने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का अपमान करने वालों के साथ गलबहियां कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है और जनता उसे माफ नही करेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विशेषकर उत्तराखंडियत का ढोल पीटने वालों की सच्चाई भी सामने आ गयी है। प्रदेश की जनता उन सबको सबक सिखाएगी जो समाजवादी पार्टी के साथ खड़े दिखाई देंगे। श्री भट्ट ने कहा कि अखिलेश यादव, उनकी समाजवादी पार्टी एवं उनकी सरकारें तो हमेशा से उत्तराखंड विरोधी और उत्तराखंड के लोगों की हत्यारी, बलातकार की अपराधी रही है ।
सपा शासन मे मुजफ्फरनगर कांड के नरसंहार और आंदोलनकार्यों के दमन वाले अंतहीन दौर के सबने देखा है। लेकिन एक बार फिर उसी क्रम में अखिलेश यादव ने उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहकर, नए सिरे से हम सबको अपमानित एवं हमारे स्वाभिमान पर चोट करने का पाप किया है। भाजपा उनके ऐसे कुत्सित बयान की कठोर शब्दों में निंदा करती है।
उन्होंने इस अपमान को लेकर हम प्रदेश के उन तमाम लोगों से भी जवाब मांगा है जो कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी के साथ खड़े रहते हैं। क्योंकि जिस तरह की दबी जुबान में और हैरानी जताते हुए कांग्रेस नेताओं ने इस अपमान पर प्रतिक्रिया दी है, उससे कहीं से भी नहीं लगता कि उन्हें थोड़ी सी भी चोट पहुंची हो। कांग्रेस नेताओं के बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि भारी जनदबाव में ईच्छा के विरुद्ध ये सब उनके द्वारा कहा गया हो। क्योंकि जिस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने गढ़वाल के लोगों को कायर बताकर थूकने की बात कही हो, जिनके शीर्षस्थ नेता राहुल गांधी आए दिन देवभूमि के गौरव एनएसए डोभाल का अपमान करते रहे हैं। वह उत्तराखंड की बदनामी का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया, ये कांग्रेस नेताओं का विवेक और हिम्मत है कि वे उत्तराखंड के अपमान पर किस तरह का रुख अपनाते हैं। लेकिन इतना तय है कि उत्तराखंड की जनता देख रही है कि कौन उनके स्वाभिमान के साथ खड़ी है, किसको उनके अपमान पर पीड़ा होती है। क्योंकि ऐसा वह कतई स्वीकार नहीं करेगी कि उत्तराखंड में कांग्रेस एवं अन्य स्थानीय पार्टियां, राजनैतिक मंचों पर इंडी गठबंधन के नाम पर प्रेम की पींगे बढ़ा रहे हैं उन्हे माफ नही करने वाले हैं। सिर्फ औपचारिकता के लिए नरम शब्दों में प्रतिक्रिया देकर ढोंग को जनता बेहतर जानती है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि सही मायने में वे उत्तराखंड के अपमान पर दुखी हैं तो पूरी तरह से समाजवादी पार्टी से संबंध तोड़े। ऐसा स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि यूपी में समझौता करे और उत्तराखंड में बयान से किनारा करने का प्रपंच करे। इस घटना के बाद एक बात शीशे की तरह साफ हो गई है कि प्रदेश की जनता उन सबको सबक सिखाएगी जो राज्य का अपमान करने वालों के साथ खड़े दिखाई देंगे।