रिहायशी क्षेत्रों में व्यापारियों को मिले नोटिसों के विरोध में दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मेंसोन को सौंपा ज्ञापन

देहरादून:  दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक MDDA कार्यालय, डालनवाला में आहूत हुई। बैठक में व्यापार से जुड़े कई प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक का मुख्य विषय वर्तमान में MDDA द्वारा रिहायशी एवं कमर्शियल क्षेत्रों में दुकानदारों को दिए जा रहे नोटिसों को लेकर रहा। व्यापारियों ने बताया कि लगभग 65 व्यापारियों के पास इस प्रकार के नोटिस आए हैं, जिस पर सभी ने गहरी चिंता व्यक्त की।

इस संबंध में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (NTWB), DPIIT, भारत सरकार के उत्तराखंड सदस्य एवं दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्री पंकज कुमार मेंसोन को एक ज्ञापन सौंपा और व्यापारियों पर हो रही इस कार्रवाई को रोकने का आग्रह किया।

व्यापारी वर्ग को हो रही समस्याएं और संभावित नुकसान:

ज्ञापन में व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई से व्यापारी वर्ग पर गंभीर संकट आ गया है:

1. आजीविका पर संकट: अधिकांश दुकानें 10 से 20 वर्षों से संचालित हैं। अचानक नोटिस से 65 दुकानदारों के परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा खतरा है।

2. आर्थिक नुकसान: व्यापारियों ने अपनी दुकानों में लाखों रुपये का निवेश, इंटीरियर, स्टॉक और लोन पर पैसा लगाया है। दुकान बंद होने से यह सारा निवेश डूब जाएगा।

3. रोजगार का संकट: एक-एक दुकान पर 2 से 4 कर्मचारी काम करते हैं। इस हिसाब से लगभग 200 से 250 परिवारों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो जाएगा।

4. मानसिक और पारिवारिक तनाव: लगातार नोटिस और कार्रवाई के डर से व्यापारी मानसिक तनाव में हैं, जिसका असर उनके परिवार पर भी पड़ रहा है।

5. स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर: ये दुकानें स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करती हैं। इनके बंद होने से आम जनता और सप्लाई चेन दोनों प्रभावित होंगे।

ज्ञापन प्राप्त करने के उपरांत श्री पंकज कुमार मेंसोन ने कहा, “जैसा कि आपने मुझे अवगत कराया है कि लगभग 65 व्यापारियों के पास MDDA द्वारा नोटिस आए हैं, आप सभी अपने नोटिस ज्ञापन के साथ संलग्न कर मुझे सौंप दें। मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूँ कि इस विषय को मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के समक्ष रखने का प्रयास करूंगा और उनसे व्यापारी वर्ग की इस विकट समस्या पर विस्तार से वार्ता कर व्यापारियों को इस विकट समस्या से राहत दिला सके और उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके।” बैठक में बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।