एबीवीपी ने एमपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में लहराया परचम

मसूरी। एमपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर जीत दर्ज की। वहीं उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और सहसचिव पद पर एनएसयूआई के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए। कॉलेज में तीन पदों अध्यक्ष, सचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के लिए सुबह नौ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ। इसके बाद मतगणना शुरू की गई और शाम करीब साढ़े चार बजे तक सभी परिणाम घोषित कर दिए गए। कॉलेज के कुल 366 मतदाताओं में से 272 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के विधान्त थापली ने 185 मत प्राप्त कर एनएसयूआई के विकास सिंह रावत को 137 मतों के अंतर से पराजित किया। विकास सिंह रावत को 48, जबकि एमएस ग्रुप के प्रत्याशी मनन शाही को 36 मत मिले। अध्यक्ष पद पर दो मत अवैध घोषित किए गए। सचिव पद पर एबीवीपी के आशुतोष जोशी ने 160 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जौनपुर ग्रुप के अंकित रौछेला को 90 मतों के अंतर से हराया। अंकित रौछेला को 70 और एमएस ग्रुप के प्रियांशु कंडारी को 42 मत मिले। इस पद पर कोई मत अवैध नहीं हुआ और न ही नोटा को कोई मत मिला।
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर एबीवीपी की करिश्मा दुमागा ने 212 मत प्राप्त किए और एनएसयूआई की संध्या को 158 मतों के अंतर से पराजित किया। संध्या को 54 मत मिले। इस पद पर चार मत अवैध रहे, जबकि दो मत नोटा को पड़े।
वहीं उपाध्यक्ष पद पर गौरव सिंह, सहसचिव पद पर ईशा और कोषाध्यक्ष पद पर सलोनी निर्विरोध निर्वाचित हुईं।
परिणाम घोषित होने के बाद कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुनील पंवार और मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. अमिताभ भट्ट ने विजयी प्रत्याशियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल, राकेश रावत, विजय रमोला, जगजीत कुकरेजा, आशीष जोशी, मुकेश भट्ट, अनीता धनाई, धर्मपाल पंवार, सचिन पंवार, अभिलाष और सपना शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा व एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद विजयी प्रत्याशियों ने जुलूस निकाला।