देहरादून । भाजपा ने राहुल प्रियंका को देवभूमि के अपमान का दोषी बताते हुए, उनके दौरे को अपनी पार्टी के लिए लाभकारी बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के आने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है जनता ने प्रचंड बहुमत से कमल खिलाने का मन बनाया हुआ है। वहीं उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि पीड़ित जेनी सार्वजनिक रूप से पक्ष रखेगी तो उम्मीद है कि उत्तराखंड के ऊपर लगा हुआ यह दाग भी धुल जाएगा। वहीं हरक सिंह रावत को चेतावनी दी कि वे तथ्यों के आधार पर बयानबाजी करें अन्यथा मानहानि का दावा किया जाएगा।
उन्होंने पार्टी मुख्यालय में विभिन्न मुद्दों पर पूछे गए पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह बातें कहीं। राहुल प्रियंका के उत्तराखंड दौरे पर उन्होंने तंज कसा की कांग्रेस के पास गिनती के दो तीन नेता ही रह गए हैं यह भी आ जाएं तो भी उत्तराखंड के चुनावी परिदृश्य में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। यह तो पहले ही देवभूमि के अपमान के दोषी हैं लिहाजा उनके आने से तो जनता के जख्म ही हरे होंगे। लिहाजा नकारात्मक राजनीति करने वाले शीर्षस्थ कांग्रेस नेताओं का उत्तराखंड आना उनकी 27 की चुनावी हार के ताबूत में एक और कील साबित होगा। जहां तक सवाल है भाजपा की तो हमने तो कार्यक्रम अपना शुरू कर दिया है। हमारी रैलियां प्रारंभ हो चुकी हैं और हमारा चुनाव प्रबंधन बहुत स्तर तक का प्रारंभ कर दिया गया है।
वहीं जेनी विवाद को लेकर पूछे सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जैनी प्रकरण कांग्रेस के शासनकाल में हुआ और अगर कल इस विषय पर जैनी जी ने ही खुद कह कि वे सामने आकर अपना पक्ष रखेंगी। तो इस मुद्दे पर अब कुछ भी कहने के लिए बचता नहीं है। बहुत अच्छा है कि जैनी जी वस्तुस्थिति स्पष्ट करेंगी और उत्तराखंड देवभूमि के अंदर जो उस समय का दाग़ लगा था, उसका भी पटाक्षेप हो जाए।
उन्हें स्पष्ट किया कि इसे कोई राजनीतिक विषय नहीं होना चाहिए। और जिस प्रकार से हरक सिंह ने नैतिकता आधारित बात करनी बंद कर दी है, तू-तड़ाक करके बातें कर रहे हैं इस उम्र में वह उचित नहीं है। अगर सभी लोग भी इसी तरीके से हरक सिंह ने बोलने लगे, तो उनका उस उम्र की कदर समाप्त हो जाएगी। इसलिए इस प्रकार के बयानबाजी करके कहीं न कहीं वे खुद उस पूरे मामले को संदेह के घेरे में डालना चाह रहे हैं। क्योंकि अंतोगत्वा ये सत्य है कि जैनी प्रकरण कांग्रेस शासनकाल में हुआ था और उसके तथ्य आज भी छुपे हुए हैं।
उन्होंने हरक सिंह द्वारा नन्दप्रयाग की झूठी घटना को लेकर की बयानबाजी पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर ने मुंह दिया है, इसका मतलब ये नहीं कि जो मर्जी वो बोल दें। बिना तथ्यों के जब बात बोली गई है, जो सफेद झूठ है। कोई बातें बोली जाती हैं, मैं विधायक रहा हूं, अगर इस प्रकार की घटना होती, ये बातें सार्वजनिक होती, लोगों तक आती। इस प्रकार की झूठी बयानबाजी करके हरक सिंह जी जनता के बीच में अपने लिए एक मसखरे वाला माहौल बनकर रह रहे हैं। तो मैं उन बातों पर बहुत टिप्पणी नहीं करूंगा। इतना ज़रूर मैं कहना चाहूंगा हरक सिंह से, कि बिना तथ्यों की वो बात करें, अन्यथा मुझे भी मानहानि के दावों तक जाना पड़ेगा।
वहीं उन्होंने कांग्रेस की भूमि बचाओ यात्रा पर कटाक्ष किया कि कांग्रेस से बड़ा सरकारी भूमि घोटाले का कोई दल नहीं है। कांग्रेस के शासनकाल में जिस प्रकार से सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त की गई, वो सब सर्वविदित है। अभी नीति बनी है, जिसमें जो भूमि सरकार की उपयोगयोग्य नहीं है, वह किस तरह रोजगार सृजन के लिए कारगर हो, पर काम किया जा रहा है। दरअसल नीति का विरोध करके कांग्रेस उत्तराखंड के अंदर रोजगार को प्रभावित करना चाहती है। इसलिए कांग्रेस का कल का जो प्रदर्शन था, उससे जनता में भारी नाराज़गी है। आने वाले चुनावों में कांग्रेस को इससे बहुत क्षति होने वाली है।